Saturday, June 23, 2018

देवालय दर्शन.... . . . देवालय जाकर बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे खड़े-खड़े दर्शन करते है। जबकि शास्त्रों के अनुसार यह गलत है। इसलिए मंदिर जाएं तो यह ध्यान रखें कि मंदिर में भगवान की मूर्ति के दर्शन हमेशा बैठकर करें। साथ ही दर्शन करते समय यह ध्यान रखें सबसे पहले मूर्ति के चरणों को देखें नतमस्तक होकर प्रार्थना करें। . फिर देवता के वक्ष पर, अर्थात् अनाहतचक्रपर मन एकाग्र करें व अंत में देव मूर्ति के नेत्रों की देखें व उनके रूप को अपने नेत्रोंमें बसाएं। मंदिर में कुछ भी मांगने या प्रार्थना करते समय दान लेने की, क्षमा याचना या आशीर्वाद लेने की अवस्था में बैठकर प्रार्थना करें। . इससे आपकी हर मनोकामना तो शीघ्र ही पूरी होगी। साथ ही मंदिर जाने के पूर्ण सकारात्मक परिणाम भी मिलने लगेंगे। ☝हे परमात्मा आप की असीम कृपा मुझ पर बरस रही है मैं आप को प्रणाम करता हूँ ।

देवालय दर्शन....
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देवालय जाकर बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे खड़े-खड़े दर्शन करते है। जबकि शास्त्रों के अनुसार यह गलत है।
इसलिए मंदिर जाएं तो यह ध्यान रखें कि मंदिर में भगवान की मूर्ति के दर्शन हमेशा बैठकर करें। साथ ही दर्शन करते समय यह ध्यान रखें सबसे पहले मूर्ति के चरणों को देखें नतमस्तक होकर प्रार्थना करें।
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फिर देवता के वक्ष पर, अर्थात् अनाहतचक्रपर मन एकाग्र करें व अंत में देव मूर्ति के नेत्रों की देखें व उनके रूप को अपने नेत्रोंमें बसाएं। मंदिर में कुछ भी मांगने या प्रार्थना करते समय दान लेने की, क्षमा याचना या आशीर्वाद लेने की अवस्था में बैठकर प्रार्थना करें।
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इससे आपकी हर मनोकामना तो शीघ्र ही पूरी होगी। साथ ही मंदिर जाने के पूर्ण सकारात्मक परिणाम भी मिलने लगेंगे।

☝हे परमात्मा आप की असीम कृपा मुझ पर बरस रही है मैं आप को प्रणाम करता हूँ ।

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