Saturday, June 23, 2018

क्या होती है अक्षौहिणी सेना, कितने होते है सैनिक, घोड़े, हाथी और रथ ..... महाभारत के अनुसार, कुरुक्षेत्र में हुए कौरव-पांडवों के युद्ध में कुल 18 अक्षौहिणी सेनाओं ने युद्ध किया था। इनमें से 11 अक्षौहिणी सेना कौरवों के पक्ष में थी, वहीं 7 ने पांडवों के पक्ष में युद्ध किया था। 1 अक्षौहिणी सेना में कितने रथ, हाथी, पैदल सैनिक व घोड़े होते हैं, इसके संबंध में महाभारत के पर्वसंग्रह पर्व के दूसरे अध्याय में विस्तार पूर्वक बताया गया है। आज हम आपको वही बता रहे हैं। एक रथ, एक हाथी, पांच पैदल सैनिक और तीन घोड़ों को मिलाकर पत्ति बनती है। पत्ति की तिगुनी संख्या को सेनामुख कहते हैं। तीन सेनामुख का एक गुल्म होता हैं। तीन गुल्म का एक गण, तीन गण की एक वाहिनी और तीन वाहिनियों की एक पृतना होती हैं। तीन पृतना की एक चमू, तीन चमू की एक अनीकिनी और 10 अनीकिनी की एक अक्षौहिणी होती है। इस प्रकार एक अक्षौहिणी सेना में इक्कीस हज़ार आठ सौ सत्तर रथ होते हैं। इस गणना के अनुसार, एक अक्षौहिणी सेना में हाथी की संख्या भी इक्कीस हज़ार आठ सौ सत्तर होती है। एक अक्षौहिणी सेना में पैदल सैनिकों की संख्या एक लाख नौ हज़ार तीन सौ पचास होती हैं। एक अक्षौहिणी सेना में घोड़ों की संख्या पैंसठ हज़ार छः सौ दस बताई गई है। इस प्रकार एक अक्षौहिणी सेना में 21870 रथ, इतने ही हाथी, 109350 सैनिक व 65610 घोड़े होते हैं।

क्या होती है अक्षौहिणी सेना, कितने होते है सैनिक, घोड़े, हाथी और रथ .....

महाभारत के अनुसार, कुरुक्षेत्र में हुए कौरव-पांडवों के युद्ध में कुल 18 अक्षौहिणी सेनाओं ने युद्ध किया था। इनमें से 11 अक्षौहिणी सेना कौरवों के पक्ष में थी, वहीं 7 ने पांडवों के पक्ष में युद्ध किया था। 1 अक्षौहिणी सेना में कितने रथ, हाथी, पैदल सैनिक व घोड़े होते हैं, इसके संबंध में महाभारत के पर्वसंग्रह पर्व के दूसरे अध्याय में विस्तार पूर्वक बताया गया है। आज हम आपको वही बता रहे हैं।

एक रथ, एक हाथी, पांच पैदल सैनिक और तीन घोड़ों को मिलाकर पत्ति बनती है।

पत्ति की तिगुनी संख्या को सेनामुख कहते हैं। तीन सेनामुख का एक गुल्म होता हैं।

तीन गुल्म का एक गण, तीन गण की एक वाहिनी और तीन वाहिनियों की एक पृतना होती हैं।

तीन पृतना की एक चमू, तीन चमू की एक अनीकिनी और 10 अनीकिनी की एक अक्षौहिणी होती है।

इस प्रकार एक अक्षौहिणी सेना में इक्कीस हज़ार आठ सौ सत्तर रथ होते हैं।

इस गणना के अनुसार, एक अक्षौहिणी सेना में हाथी की संख्या भी इक्कीस हज़ार आठ सौ सत्तर होती है।

एक अक्षौहिणी सेना में पैदल सैनिकों की संख्या एक लाख नौ हज़ार तीन सौ पचास होती हैं।

एक अक्षौहिणी सेना में घोड़ों की संख्या पैंसठ हज़ार छः सौ दस बताई गई है।

इस प्रकार एक अक्षौहिणी सेना में 21870 रथ, इतने ही हाथी, 109350 सैनिक व 65610 घोड़े होते हैं।

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