Saturday, June 23, 2018

🌿भगवान् श्री कृष्ण को अलग-अलग स्थानों में अलग-अलग नामो से जाना जाता है। 🌿उत्तर प्रदेश मे कृष्ण या गोपाल,गोविन्द इत्यादि नामो से जानते हैं। 🌿राजस्थान मे श्रीनाथ जी या ठाकुर जी के नाम से जानते हैं। 🌿महाराष्ट्र मे बिट्ठल के नाम से जाने जाते हैं। 🌿उड़ीसा मे जगन्नाथ के नाम से जाने जाते हैं। 🌿बंगाल मे गोपालजी के नाम से जाने जाते हैं। 🌿दक्षिण भारत मे वेंकटेश या गोविंदा के नाम से जाने जातेहैं। 🌿गुजरात मे द्वारकाधीश के नाम से जाने जाते हैं। 🌿असम ,त्रिपुरा,नेपाल इत्यादि पूवोर्त्तर क्षेत्रों मे कृष्ण नाम से ही पूजा होती है। 🌿मलेसिया, इंडोनेशिया, अमेरिका, इंगलैंड, फ़्रांस इत्यादि देशो में कृष्ण नाम ही विख्यात है। 🌿गोविन्द या गोपाल मे "गो" शब्द का अर्थ गाय एवं इंद्रियों , दोनो से है। गो एक संस्कृत शब्द है और ऋग्वेद मे गो का अर्थ होता है मनुष्य की इंद्रिया...जो इन्द्रियों का विजेता हो जिसके वश मे इंद्रियाँ हो वही गोविंद है गोपाल है। 🌿श्री कृष्ण के पिता का नाम वासुदेव था इसलिए इन्हें आजीवन "वासुदेव" के नाम से जाना गया। श्री कृष्ण के दादा का नाम शूरसेन था.. श्री कृष्ण का जन्म उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के राजा कंस की जेल मे हुआ था। 🌿श्री कृष्ण के भाई बलराम थे लेकिन उद्धव और अंगिरस उनके चचेरे भाई थे, अंगिरस ने बाद मे तपस्या की थी और जैन धर्म के तीर्थंकर नेमिनाथ के नाम से विख्यात हुए थे। 🌿श्री कृष्ण ने 16000 राजकुमारियों को असम के राजा नरकासुर की कारागार से मुक्त कराया था और उन राजकुमारियों को आत्महत्या से रोकने के लिए मजबूरी मे उनके सम्मान हेतु उनसे विवाह किया था। क्योंकि उस युग मे हरण की हुयी स्त्री अछूत समझी जाती थी और समाज उन स्त्रियों को अपनाता नही था।। 🌿श्री कृष्ण की मूल पटरानी एक ही थी जिनका नाम रुक्मणी था जो महाराष्ट्र के विदर्भ राज्य के राजा रुक्मी की बहन थी।। रुक्मी शिशुपाल का मित्र था और श्री कृष्ण का शत्रु । 🌿दुर्योधन श्री कृष्ण का समधी था और उसकी बेटी लक्ष्मणा का विवाह श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब के साथ हुआ था। 🌿श्री कृष्ण के धनुष का नाम सारंग था। शंख का नाम पाञ्चजन्य था। चक्र का नाम सुदर्शन था। 🌿श्री कृष्ण विद्या अर्जित करने हेतु मथुरा से उज्जैन मध्य प्रदेश आये थे। और यहाँ उन्होंने उच्च कोटि के ब्राह्मण महर्षि सांदीपनि से अलौकिक विद्याओं का ज्ञान अर्जित किया था।। 🌿श्री कृष्ण की कुल आयु 125 वर्ष थी। उनके शरीर का रंग गहरा काला था और उनके शरीर से 24 घंटे पवित्र अष्टगंध महकता था। उनके वस्त्र रेशम के पीले रंग के होते थे और मस्तक पर मोरमुकुट शोभा देता था। उनके सारथि का नाम दारुक था और उनके रथ मे चार घोड़े जुड़े होते थे। उनकी दोनो आँखों में प्रचंड सम्मोहन था। 🌿श्री कृष्ण के कुलगुरु महर्षि शांडिल्य थे। 🌿श्री कृष्ण का नामकरण महर्षि गर्ग ने किया था। 🌿श्री कृष्ण के बड़े पोते का नाम अनिरुद्ध था जिसके लिए श्री कृष्ण ने बाणासुर और भगवान् शिव से युद्ध करके उन्हें पराजित किया था। 🌿श्री कृष्ण ने गुजरात के समुद्र के बीचो बीच द्वारिका नाम की राजधानी बसाई थी। द्वारिका पूरी सोने की थी और उसका निर्माण देवशिल्पी विश्वकर्मा ने किया 🌿श्री कृष्ण ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अर्जुन को पवित्र गीता का ज्ञान रविवार शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मात्र 45 मिनट मे दे दिया था। 🌿श्री कृष्ण अवतार नही थे बल्कि अवतारी थे....जिसका अर्थ होता है "पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान्" 🌿सर्वान् धर्मान परित्यजम मामेकं शरणम् व्रज अहम् त्वम् सर्व पापेभ्यो मोक्षस्यामी मा शुच--भगवद् गीता अध्याय 18, श्री कृष्ण 🌿सभी धर्मो का परित्याग करके एकमात्र मेरी शरण ग्रहण करो, मै सभी पापो से तुम्हारा उद्धार कर दूंगा,डरो मत🌿 हरे कृष्णा...

🌿भगवान् श्री कृष्ण को अलग-अलग स्थानों में अलग-अलग नामो से जाना जाता है।

🌿उत्तर प्रदेश मे कृष्ण या गोपाल,गोविन्द इत्यादि नामो से जानते हैं।

🌿राजस्थान मे श्रीनाथ जी या ठाकुर जी के नाम से जानते हैं।

🌿महाराष्ट्र मे बिट्ठल के नाम से जाने जाते हैं।

🌿उड़ीसा मे जगन्नाथ के नाम से जाने जाते हैं।

🌿बंगाल मे गोपालजी के नाम से जाने जाते हैं।

🌿दक्षिण भारत मे वेंकटेश या गोविंदा के नाम से जाने जातेहैं।

🌿गुजरात मे द्वारकाधीश के नाम से जाने जाते हैं।

🌿असम ,त्रिपुरा,नेपाल इत्यादि पूवोर्त्तर क्षेत्रों मे कृष्ण नाम से ही पूजा होती है।

🌿मलेसिया, इंडोनेशिया, अमेरिका, इंगलैंड, फ़्रांस इत्यादि देशो में कृष्ण नाम ही विख्यात है।

🌿गोविन्द या गोपाल मे "गो" शब्द का अर्थ गाय एवं इंद्रियों , दोनो से है। गो एक संस्कृत शब्द है और ऋग्वेद मे गो का अर्थ होता है मनुष्य की इंद्रिया...जो इन्द्रियों का विजेता हो जिसके वश मे इंद्रियाँ हो वही गोविंद है गोपाल है।

🌿श्री कृष्ण के पिता का नाम वासुदेव था इसलिए इन्हें आजीवन "वासुदेव" के नाम से जाना गया। श्री कृष्ण के दादा का नाम शूरसेन था..
श्री कृष्ण का जन्म उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के राजा कंस की जेल मे हुआ था।

🌿श्री कृष्ण के भाई बलराम थे लेकिन उद्धव और अंगिरस उनके चचेरे भाई थे, अंगिरस ने बाद मे तपस्या की थी और जैन धर्म के तीर्थंकर नेमिनाथ के नाम से विख्यात हुए थे।

🌿श्री कृष्ण ने 16000 राजकुमारियों को असम के राजा नरकासुर की कारागार से मुक्त कराया था और उन राजकुमारियों को आत्महत्या से रोकने के लिए मजबूरी मे उनके सम्मान हेतु उनसे विवाह किया था। क्योंकि उस युग मे हरण की हुयी स्त्री अछूत समझी जाती थी और समाज उन स्त्रियों को अपनाता नही था।।

🌿श्री कृष्ण की मूल पटरानी एक ही थी जिनका नाम रुक्मणी था जो महाराष्ट्र के विदर्भ राज्य के राजा रुक्मी की बहन थी।। रुक्मी शिशुपाल का मित्र था और श्री कृष्ण का शत्रु ।

🌿दुर्योधन श्री कृष्ण का समधी था और उसकी बेटी लक्ष्मणा का विवाह श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब के साथ हुआ था।

🌿श्री कृष्ण के धनुष का नाम सारंग था। शंख का नाम पाञ्चजन्य था। चक्र का नाम सुदर्शन था।

🌿श्री कृष्ण विद्या अर्जित करने हेतु मथुरा से उज्जैन मध्य प्रदेश आये थे। और यहाँ उन्होंने उच्च कोटि के ब्राह्मण महर्षि सांदीपनि से अलौकिक विद्याओं का ज्ञान अर्जित किया था।।

🌿श्री कृष्ण की कुल आयु 125 वर्ष थी। उनके शरीर का रंग गहरा काला था और उनके शरीर से 24 घंटे पवित्र अष्टगंध महकता था। उनके वस्त्र रेशम के पीले रंग के होते थे और मस्तक पर मोरमुकुट शोभा देता था। उनके सारथि का नाम दारुक था और उनके रथ मे चार घोड़े जुड़े होते थे। उनकी दोनो आँखों में प्रचंड सम्मोहन था।

🌿श्री कृष्ण के कुलगुरु महर्षि शांडिल्य थे।

🌿श्री कृष्ण का नामकरण महर्षि गर्ग ने किया था।

🌿श्री कृष्ण के बड़े पोते का नाम अनिरुद्ध था जिसके लिए श्री कृष्ण ने बाणासुर और भगवान् शिव से युद्ध करके उन्हें पराजित किया था।

🌿श्री कृष्ण ने गुजरात के समुद्र के बीचो बीच द्वारिका नाम की राजधानी बसाई थी। द्वारिका पूरी सोने की थी और उसका निर्माण देवशिल्पी विश्वकर्मा ने किया

🌿श्री कृष्ण ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अर्जुन को पवित्र गीता का ज्ञान रविवार शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मात्र 45 मिनट मे दे दिया था।

🌿श्री कृष्ण अवतार नही थे बल्कि अवतारी थे....जिसका अर्थ होता है "पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान्"

🌿सर्वान् धर्मान परित्यजम मामेकं शरणम् व्रज
अहम् त्वम् सर्व पापेभ्यो मोक्षस्यामी मा शुच--भगवद् गीता अध्याय 18,
श्री कृष्ण

🌿सभी धर्मो का परित्याग करके एकमात्र मेरी शरण ग्रहण करो, मै सभी पापो से तुम्हारा उद्धार कर दूंगा,डरो मत🌿
      
हरे कृष्णा...

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